(टीवीके) सरकार के बड़े ऐलान में हज सब्सिडी, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं को 8 ग्राम सोने का सिक्कातमिलनाडु की विजय थलापति (टीवीके) सरकार ने विधानसभा में अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया। वित्त मंत्री डॉ. एन. मैरी विल्सन ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। बजट में महिलाओं, किसानों, छात्रों, हज यात्रियों और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।
महिलाओं को 8 ग्राम सोने का सिक्का
महिलाओं के लिए सरकार ने विवाह के अवसर पर 8 ग्राम सोने का सिक्का देने की योजना के लिए 812 करोड़ रुपये का प्रावधान करने का प्रस्ताव रखा है। इसी राशि में सिल्क साड़ी योजना भी शामिल है। यह योजना सरकार के चुनावी वादों का हिस्सा रही है।
हज सब्सिडी को 35,000रु
हज यात्रियों के लिए भी बजट में राहत का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार ने हज सब्सिडी को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा मुस्लिम और ईसाई महिलाओं के कल्याण से जुड़ी संस्थाओं को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई है।
मुस्लिम और ईसाई कब्रिस्तानों को 34 करोड़ रु
अल्पसंख्यक समुदायों के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए सरकार ने मुस्लिम और ईसाई कब्रिस्तानों के विकास तथा बुनियादी सुविधाओं के लिए 34 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव रखा है।
शिक्षा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण के लिए 300 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है। वहीं किसानों को राहत देते हुए 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के कृषि ऋण माफ करने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल किया गया है।
आम जनता के लिए सरकार ने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही चेन्नई के समग्र विकास के लिए तीसरा मास्टर प्लान तैयार करने की घोषणा की गई है।
खेल प्रतिभाओं के लिए 10 ओलंपिक सेंटर
प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। बजट में पूरे तमिलनाडु में 10 ओलंपिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा की गई है। इन आधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय कोचिंग, बेहतर खेल सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपये का प्रावधान करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे राज्य के उभरते खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिल सके।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। बजट में कहा गया है कि आने वाले वर्षों में 5 लाख छात्रों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उन्हें भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार किया जा सके।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में नीट (NEET) परीक्षा समाप्त करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर प्रवेश देने वाली पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू किया जाए।
सरकार ने तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी रखा है। सरकार का कहना है कि यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के विकास की प्राथमिकताओं का रोडमैप है।
हालांकि, बजट में की गई इन सभी घोषणाओं को जमीन पर लागू करना सबसे बड़ी चुनौती होगी। अब यह देखना होगा कि सरकार अपने वादों को कितनी जल्दी और किस प्रभावी तरीके से अमल में लाती है, ताकि इन योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच सके।
इस बजट में महिलाओं, किसानों, छात्रों, आम नागरिकों, हज यात्रियों और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि इन घोषणाओं को कब और कैसे लागू किया जाता है। ये भी पढ़ें




